बाल्य देखभाल अवकाश CCL GO PDF | Uttarakhand GO 126942 01 June 2023 Download. उत्तराखण्ड शासन ने 1 जून 2023 को जारी महत्वपूर्ण शासनादेश के माध्यम से राज्य की महिला सरकारी सेवकों एवं एकल अभिभावक (महिला एवं पुरुष) कर्मचारियों के लिए बाल्य देखभाल अवकाश (Child Care Leave – CCL) से संबंधित नए प्रावधान लागू किए हैं। यह निर्णय कर्मचारियों को पारिवारिक दायित्वों और सरकारी सेवा के बीच संतुलन बनाने में सहायक होगा। इस शासनादेश का सार तथा प्रमुख बाते नीचे दी गयी है. बाल्य देखभाल अवकाश CCL GO PDF | Uttarakhand GO 126942 01 June 2023 Download की पीडीऍफ़ डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए क्लिक करें.
🔹 कितने दिन का मिलेगा चाइल्ड केयर लीव?
- कुल सेवा अवधि में अधिकतम 2 वर्ष (730 दिन) का बाल्य देखभाल अवकाश अनुमन्य होगा।
- यह अवकाश बच्चे की बीमारी, परीक्षा या अन्य आवश्यक देखभाल की स्थिति में दिया जाएगा।
- सामान्यतः यह सुविधा बच्चे की 18 वर्ष की आयु तक उपलब्ध होगी।

🔹 विशेष प्रावधान (दिव्यांग बच्चों के लिए)
- यदि बच्चा 40% या उससे अधिक दिव्यांग/निःशक्त है, तो आयु सीमा का कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
- ऐसे मामलों में भी कुल 730 दिन का अवकाश उपलब्ध रहेगा।
🔹 किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
- महिला सरकारी सेवक
- एकल अभिभावक (अविवाहित / विधुर / तलाकशुदा पुरुष)
- अविवाहित महिला सरकारी सेवक
यह सुविधा अधिकतम दो बड़े जीवित बच्चों तक सीमित रहेगी।
बाल्य देखभाल अवकाश CCL GO PDF | Uttarakhand GO 126942 01 June 2023 Download
🔹 अवकाश लेने की शर्तें
- CCL को अर्जित अवकाश की तरह स्वीकृत किया जाएगा और उसका अलग खाता रखा जाएगा।
- सार्वजनिक अवकाश (Public Holidays) भी CCL अवधि में शामिल माने जाएंगे।
- एक बार में कम से कम 5 दिन और अधिकतम 120 दिन का अवकाश स्वीकृत होगा।
- एकल महिला कर्मचारी एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 6 बार अवकाश ले सकती हैं।
- अन्य पात्र महिला/पुरुष कर्मचारी वर्ष में अधिकतम 3 बार CCL ले सकते हैं।
🔹 वेतन संबंधी प्रावधान
- पहले 365 दिनों तक 100% अवकाश वेतन मिलेगा।
- अगले 365 दिनों तक 80% अवकाश वेतन मिलेगा।
उत्तरांचल राज्य के सरकारी सेवकों की स्थायीकरण नियमावली 2002 | Sthayikaran Niyamawali 2002
🔹 महत्वपूर्ण प्रतिबंध
- यह अवकाश अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता।
- बिना पूर्व स्वीकृति के CCL पर जाना अनुशासनात्मक कार्यवाही का कारण बन सकता है।
- परिवीक्षा (Probation) अवधि में CCL सामान्यतः अनुमन्य नहीं होगा।
- विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 3 माह तक दिया जा सकता है।
🔹 किन संस्थानों पर लागू होगा आदेश?
यह व्यवस्था विभिन्न विभागों के राजकीय एवं सहायता प्राप्त शिक्षण/प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के पात्र शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों पर भी लागू होगी (कुछ केंद्रीय निकायों से आच्छादित पदों को छोड़कर)।
✍ निष्कर्ष
उत्तराखण्ड सरकार का यह निर्णय कर्मचारी हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विशेष रूप से कामकाजी माताओं और एकल अभिभावकों को अपने बच्चों की देखभाल के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। यह आदेश न केवल कर्मचारी कल्याण को बढ़ावा देता है, बल्कि पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है।