सरकारी कर्मचारी की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति शासनादेश Download Pdf | Uttarakhand GO no. 1844 09 April 2003. राजकीय कर्मचारियों को 45 वर्ष की की आयु पूर्ण करने अथवा 20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के प पश्चात् स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के सम्बन्ध में मूल नियम 56 में व्यवस्था की गयी है कि जिस सरकारी सेवक ने 45 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है अथवा 20 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है वह नियुक्ति प्राधिकारी को 03 माह की नोटिस देकर सेवा निवृत्त हो सकता है। 03 माह की नोटिस अवधि पूर्ण होने पर ही सरकारी सेवक सेवा निवृत्त होगा।

कभी कभी विभाग के संज्ञान में ऐसे प्रकरण भी आते हैं, जिनमें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का नोटिस देकर सरकारी सेवक कार्य से अनुपस्थित हो जाता है। विभाग द्वारा भी शासन की अनुमति हेतु प्रकरण 03 माह की अवधि के बहुत बाद संदर्भित किया गया, जिसके कारण स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति की अनुमति देने एवं अन्य अनुषांगिक विषयों पर कार्यवाहीं करने में अवांछित कठिनाई उत्पन्न होती हैं ।
सरकारी कर्मचारी की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति शासनादेश Download Pdf | Uttarakhand GO no. 1844 09 April 2003
मूल नियम 56 (ग) में यह व्यवस्था है, कि नियुक्ति प्राधिकारी चाहें तो वह सरकारी सेवक को किसी नोटिस के बिना या अल्प अवधि की नोटिस पर नोटिस के बदले में किसी शास्ति की भुगतान करने की अपेक्षा किये बिना सेवानिवृत्त होने की अनुज्ञा दे सकता है। इस प्रकार के मामले में स्वैच्छिक रूप से सेवा निवृत्त होने की इच्छा करने वाला सरकारी सेवक नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा सेवा निवृत्त होने की अनुज्ञा के लिए प्रतीक्षा करेगा । नियुक्ति प्राधिकारी से अनुज्ञा प्राप्त होने पर ही सरकारी सेवक स्वैच्छिक रूप से सेवा निवृत्त होगा। सेवा निवृत्त की इच्छा प्रकट करने के साथ हो कार्य से अनुपस्थित हो जाना उचित नहीं है। परन्तु नियुक्ति प्राधिकारी को यह ध्यान रखना चाहिए कि सेवा निवृत्ति की अनुज्ञा दिये जाने में अवांछित न हो और किसी भी दशा में 03 माह से अधिक न हो ।
उत्तरांचल राज्य के सरकारी सेवकों की स्थायीकरण नियमावली 2002 | Sthayikaran Niyamawali 2002
उत्तराखंड सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली 2003 यथा संशोधित
नियुक्ति प्राधिकारी सरकारी सेवक द्वारा स्वैच्छिक सेवा निवृत्त दिये जाने पर यह जांच कर लें कि कोई अनुशासनिक कार्यवाही विचाराधीन नहीं हैं अथवा अनुशासनिक कार्यवाही प्रारम्म करना विचाराधीन नहीं है। सरकारी सेवक के विरूद्ध किसी आसन्न अनुशासनिक कार्यदाही की दशा में सरकारी सेवक को उसकी नोटिस स्वीकार न किये जाने की सूचना नोटिस की समाप्ति से पूर्व दे दी जायेगी । सरकारी सेवक द्वारा स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति की नोटिस बिना नियुक्ति प्राधिकारी को अनुज्ञा के वापस नहीं ली जा सकेगी ।
सरकारी सेवकों की स्थायीकरण नियमावली 1991, उत्तर प्रदेश
नियुक्ति प्राधिकारी यदि नोटिस वापस लेने की अनुज्ञा प्रकरण की स्थितियों के कटंग देना उचित न पाता हो, तो नोटिस समाप्त होने से पूर्व ही अनुझा न देने के निर्णय से सरकारी सेवक को अवगत करा दें। उपरोक्ट स्थिति स्पष्ट करते हुए अनुरोध है कि सरकारी सेवक सेवानिवृत्ति हेतु 03 माह का नोटिस देने के बाद अपने कार्य से अनुपस्थित नहीं होगा, बल्कि स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति का नोटिस दिये जाने के बाद नोटिस समाप्त होने पर अथवा नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा नोटिस स्वीकार किये जाने तक प्रतीक्षा करेगा। नियुक्ति प्राधिकारी नोटिस समाप्त होने से पूर्व अनुज्ञा देने अथवा अस्वीकार किये जाने का निर्णय लेकर सरकारी सेवक को अवगत करायेगा ।