अध्ययन अवकाश शासनादेश उत्तराखण्ड| Study Leave GO 80695 Date 02 December 2022: यह ब्लॉग पोस्ट उत्तराखण्ड शासन के वित्त अनुभाग-6 द्वारा जारी कार्यालय-ज्ञाप (संख्या- 40695/XXVII(6)/2022, दिनांक 02 दिसम्बर, 2022) पर आधारित है । यह शासनादेश सरकारी अधिकारियों के लिए अध्ययन अवकाश (Study Leave) और उच्च पाठ्यक्रमों में नामांकन के नियमों को स्पष्ट करता है । नीचे दिए गए डाउनलोड बटन से आप शासनादेश डाउनलोड कर सकते हैं.
उत्तराखण्ड सरकारी सेवा: उच्च शिक्षा और अध्ययन अवकाश के नए नियम
उत्तराखण्ड सरकार ने विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों के लिए उच्च पाठ्यक्रमों में दाखिले और अध्ययन अवकाश की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और मानक-आधारित बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं । यदि आप एक सरकारी अधिकारी हैं और अपनी उच्च शिक्षा जारी रखना चाहते हैं, तो ये नियम आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
1. कौन पात्र है? (पात्रता मानदंड)
अध्ययन अवकाश के लिए आवेदन करने हेतु निम्नलिखित शर्तें अनिवार्य हैं:
- पद स्तर: केवल वे अधिकारी जिनका ग्रेड पे-5400 (पे लेवल-10) या उससे ऊपर है, आवेदन कर सकते हैं ।
- सेवा अवधि: सामान्यतः अधिकारी की न्यूनतम सेवा 05 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए ।
- विदेश में अध्ययन: यदि नामांकन देश से बाहर होता है, तो परिवीक्षा अवधि (Probation) और न्यूनतम 02 वर्ष की सेवा के बाद ‘अवैतनिक असाधारण अवकाश’ पर अनुमति मिल सकती है ।

2. अवकाश की अवधि और संस्थान का चयन
- अवधि: अध्ययन अवकाश सामान्यतः 12 महीने के लिए मिलता है, जिसे पाठ्यक्रम की प्रकृति के आधार पर अधिकतम 24 माह तक बढ़ाया जा सकता है ।
- कुल सीमा: पूरी सेवा अवधि के दौरान अधिकतम 24 माह का ही अध्ययन अवकाश स्वीकृत किया जाएगा ।
- संस्थान: केवल विश्वस्तरीय और श्रेष्ठतम संस्थानों में दाखिले के लिए ही अनुमति दी जाएगी ।
3. चयन के लिए कड़े मानक (अनुशासन और प्रदर्शन)
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों को ही उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा:
- जाँच: जिन अधिकारियों के विरुद्ध सतर्कता जाँच, अनुशासनिक कार्यवाही या प्रशासनाधिकरण की जाँच लंबित है, उनके आवेदन अग्रसारित नहीं किए जाएंगे ।
- एसीआर (ACR): पिछले 5 वर्षों का सेवा अभिलेख ‘उत्तम’ स्तर से कम नहीं होना चाहिए । किसी भी प्रकार की प्रतिकूल प्रविष्टि होने पर नामांकन की संस्तुति नहीं की जाएगी ।
- विदेश हेतु: विदेश में अध्ययन के लिए भी परिवीक्षा और 2 वर्ष की सेवा का रिकॉर्ड ‘उत्तम’ होना अनिवार्य है ।
4. सेवा बाण्ड और वेतन की शर्तें
- अनिवार्य सेवा: कोर्स पूरा करने के बाद अधिकारी को राज्य सरकार में न्यूनतम 5 वर्ष तक सेवा करनी होगी ।
- शर्त उल्लंघन: यदि कोई अधिकारी इस अवधि से पहले सेवा छोड़ता है, तो उसे कोर्स का सारा खर्च और प्राप्त वेतन-भत्ते सरकार को लौटाने होंगे ।
- वेतन: वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों के अनुसार, अध्ययन अवकाश के दौरान ‘अर्द्धवेतन’ (Half Pay) देय होगा ।
विशेष नोट: यह शासनादेश पूर्व में निर्गत सभी संबंधित शासनादेशों को अधिक्रमित (Supersede) करता है, यानी अब यही नियम प्रभावी माने जाएंगे ।
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